रांची यूनिवर्सिटी में अतिथि शिक्षकों का विरोध, समान वेतन और UGC मानदेय की मांग.

झारखंड/बिहार रोज़गार समाचार

रांची विश्वविद्यालय को वोकेशनल शिक्षकों का 6 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया

मुख्य बिंदु:

  • रांची विश्वविद्यालय में 20 वर्षों से कार्यरत वोकेशनल शिक्षकों ने सौंपा 6 सूत्री ज्ञापन

  • न्यूनतम वेतन, पद सृजन, UGC मापदंड पर मानदेय सहित कई मांगें

  • शिक्षक संघ ने वोकेशनल फंड के सही उपयोग पर उठाए सवाल

  • कहा: बिना स्थायित्व और सुविधा के कैसे करेंगे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

  • कुलपति से तत्काल ठोस निर्णय लेने की अपील



कुलपति को सौंपा 6 सूत्रीय मांग पत्र

रांची विश्वविद्यालय वोकेशनल शिक्षक संघ ने आज विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति को एक विस्तृत 6 सूत्री मांग पत्र सौंपा।
संघ ने बताया कि विश्वविद्यालय में पिछले 20 वर्षों से 20 से अधिक वोकेशनल और सेल्फ फाइनेंस कोर्स संचालित हो रहे हैं, जिनमें अतिथि और अनुबंधित शिक्षक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इन पाठ्यक्रमों से छात्र सीधे सरकारी और निजी संस्थाओं में रोजगार पा रहे हैं, लेकिन शिक्षकों की स्थिति अत्यंत दयनीय और उपेक्षित बनी हुई है।

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ये रहीं शिक्षक संघ की 6 मुख्य मांगें:

  1. समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए

  2. शिक्षकों और कर्मचारियों के नए पद सृजित कर तुरंत भरे जाएं

  3. UGC के अनुसार ₹1500 प्रति कक्षा मानदेय सुनिश्चित हो

  4. सीनेट, सिंडिकेट और कोर कमेटी में वोकेशनल शिक्षक प्रतिनिधि की व्यवस्था

  5. नई बहाली प्रक्रिया में पुराने शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाए

  6. वोकेशनल फंड का उपयोग शिक्षकों और कर्मियों के कल्याण में हो

डॉ. अटल पाण्डेय ने उठाए फंड और नीति पर सवाल

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अटल पाण्डेय ने सवाल किया कि

“जब छात्र कम शुल्क दे रहे हैं, तब वोकेशनल फंड में करोड़ों रुपये कैसे जमा हो गए? वर्षों से शिक्षक सेवा दे रहे हैं, लेकिन न पद सृजन हुआ और न ही स्थायित्व पर बात।”

उन्होंने मांग की कि सीवीएस फंड को पारदर्शिता से शिक्षकों और विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था पर खर्च किया जाए।

संगठन ने जताई कोर कमेटी की कार्यशैली पर नाराजगी

संघ अध्यक्ष अवधेश ठाकुर ने कहा कि

“कोर कमेटी से लिए गए निर्णयों को कई विभाग मानते ही नहीं। सीवीएस निदेशक से बार-बार कहने पर भी कुछ नहीं होता। यह लापरवाही कई विभागों को बंदी की ओर ले जा रही है।”

प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन रहे शामिल

इस अवसर पर डॉ. सुरजीत घोषाल, डॉ. प्रशात सौरव सहित अन्य वोकेशनल शिक्षक संघ के सदस्य उपस्थित थे।
सभी ने कुलपति से शीघ्र और सकारात्मक निर्णय की गुहार लगाई।

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