जामताड़ा में ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
📌 मुख्य बिंदु:
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जामताड़ा के कसिया टॉड गांव में “वन नेशन वन इलेक्शन” पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
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नवजीवन इंटरनेशनल ट्रस्ट ने ग्रामीण महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने पर दिया जोर
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बबीता झा ने एक साथ चुनाव कराने के फायदे विस्तार से बताए
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हस्ताक्षर अभियान चलाकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने की तैयारी
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पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा सोरेन समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे
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कार्यक्रम में स्व-सहायता समूह की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही
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महिलाओं ने गांव-गांव जाकर जागरूकता फैलाने का लिया संकल्प
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राजनीतिक शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को जोड़ा गया एक मंच पर
कसिया टॉड गांव में नवजीवन इंटरनेशनल का आयोजन, हस्ताक्षर अभियान की हुई शुरुआत
जामताड़ा: कसिया टॉड गांव में नवजीवन इंटरनेशनल ट्रस्ट की ओर से “वन नेशन वन इलेक्शन” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को राजनीतिक रूप से जागरूक और सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्व-सहायता समूह की प्रमुख गीता देवी ने की, जबकि मुख्य अतिथि के तौर पर ट्रस्ट की अध्यक्ष बबीता झा उपस्थित रहीं। उन्होंने एक देश एक चुनाव की अवधारणा को विस्तार से समझाते हुए इसके लाभ बताए।

एक साथ चुनाव से होगी संसाधनों की बचत: बबीता झा
बबीता झा ने कहा कि बार-बार चुनाव कराने से देश पर आर्थिक बोझ बढ़ता है और विकास कार्यों में भी रुकावट आती है। उन्होंने कहा,
“यदि पूरे देश में एक साथ चुनाव हों, तो समय, धन और ऊर्जा की बचत होगी। प्रशासनिक कार्य बाधित नहीं होंगे और लोकतंत्र भी मजबूत होगा।“
उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य से एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत लोगों के हस्ताक्षर महामहिम राष्ट्रपति को सौंपे जाएंगे। यह अभियान इस मांग को संवैधानिक मान्यता दिलाने का माध्यम बनेगा।
पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा सोरेन ने की महिलाओं की सराहना
कार्यक्रम में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष पुष्पा सोरेन ने कहा कि लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी बेहद आवश्यक है।
“जब महिलाएं राजनीतिक मुद्दों को समझेंगी, तभी वे सही निर्णय ले पाएंगी और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।“
उन्होंने यह भी कहा कि “वन नेशन वन इलेक्शन” जैसी पहल केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हम सबकी साझा जिम्मेदारी है कि इसे जन-जन तक पहुंचाएं।
गांव की महिलाएं बनीं लोकतांत्रिक परिवर्तन की वाहक
कार्यक्रम में गीता देवी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों की जानकारी देना समय की मांग है।
“हमारी महिलाएं अब जागरूक हो रही हैं। वे न केवल घर और समाज संभाल रही हैं, बल्कि लोकतंत्र को भी मजबूत बना रही हैं।“
स्व-सहायता समूह की अनेक महिलाओं ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और इस पहल को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
अन्य अतिथियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में वेदनाथ सोरेन, श्रुति कुमारी, पूना देवी, शांति देवी, यशोदा देवी, रश्मि देवी, संजोती हांसदा, बुनिया देवी और कमली देवी जैसे कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने “वन नेशन वन इलेक्शन” की अवधारणा को सराहा और कहा कि इससे देश में स्थायित्व और गति दोनों संभव हैं।
कार्यक्रम का समापन संकल्प के साथ
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने यह प्रण लिया कि वे अपने गांवों में जाकर इस विषय पर जागरूकता फैलाएंगे और अभियान को गति देंगे।
