75% अनुदान वृद्धि की मांग पर 10 मार्च को विधानसभा घेराव.

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विधानसभा के समक्ष 10 मार्च को वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा का महाधरना

रांची– झारखंड में 75% अनुदान राशि में वृद्धि, लंबित फाइलों पर कार्रवाई और सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना के भुगतान की मांग को लेकर वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने 10 मार्च 2026 को विधानसभा के समक्ष विशाल महाधरना देने की घोषणा की है। यह निर्णय मोर्चा के अध्यक्ष मंडल की बैठक में सदस्यों के विचार-विमर्श के बाद लिया गया।

मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

75% अनुदान वृद्धि प्रस्ताव मुख्यमंत्री स्तर पर लंबित

मोर्चा का कहना है कि 75% अनुदान राशि में वृद्धि से संबंधित संलेख प्रस्ताव को वित्त विभाग और विधि विभाग की सहमति मिल चुकी है, लेकिन यह प्रस्ताव फिलहाल मुख्यमंत्री स्तर पर लंबित है।

विधानसभा में माननीय सदस्य देवेंद्र कुमार के अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में प्रभारी विभागीय मंत्री ने आश्वासन दिया था कि अगला वित्तीय वर्ष प्रभावित नहीं होगा। इसके बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने झारखंड अधिविध परिषद और सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया था, ताकि अंतिम निर्णय लिया जा सके।

हालांकि, मोर्चा का आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है, जिससे शिक्षकों और संस्थानों में असंतोष बढ़ रहा है।

वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने का आश्वासन

सरकार ने सदन में यह भी आश्वासन दिया था कि वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त कर नई नियमावली बनाई जाएगी और शिक्षकों को राज्य कर्मियों के समान वेतनमान दिया जाएगा।

इस संबंध में 11 अक्टूबर 2021 को तत्कालीन शिक्षा सचिव राजेश शर्मा ने कार्मिक विभाग को पत्र लिखा था। इसके बाद तत्कालीन शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने भी कार्मिक विभाग से कार्रवाई की जानकारी मांगी थी।

कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव ओम प्रकाश साहू ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को अपने स्तर से कार्रवाई करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं हो सका है। यह मामला सदन में भी उठ चुका है।

सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना पर भी आंदोलन

मोर्चा ने बताया कि सावित्रीबाई फुले बालिका समृद्धि योजना की राशि का भुगतान लंबित है। सरकार ने सदन में आश्वासन दिया था कि इसी सत्र में नियमावली में संशोधन कर कक्षा 8वीं से 12वीं तक पढ़ने वाली वित्त रहित स्कूलों और इंटर कॉलेजों की छात्राओं को योजना का लाभ दिया जाएगा।

योजना का लाभ नहीं मिलने से लगभग दो लाख बालिकाएं वंचित हो रही हैं, जो मुख्यतः ग्रामीण, देहाती और अतिपिछड़े क्षेत्रों से आती हैं। इसका सीधा असर वित्त रहित संस्थानों पर पड़ रहा है।

2025-26 की अनुदान राशि शीघ्र जारी करने की मांग

मोर्चा ने शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की अनुदान राशि जल्द जारी की जाए, ताकि अंतिम समय में राशि लेप्स न हो।

हजारों शिक्षक-कर्मचारी होंगे शामिल

10 मार्च 2026 को आयोजित महाधरना में राज्य भर से हजारों शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी भाग लेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री को मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।

बैठक में कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, फजलुल कादरी अहमद, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, चंदेश्वर पाठक, अरविंद सिंह, नरोत्तम सिंह, गणेश महतो, मनीष कुमार, देवनाथ सिंह, मनोज कीर्ति, विनय उरांव, संजय कुमार, रेशमा बेक, मनोज कुमार, मुरारी प्रसाद सिंह और रंजीत मिश्रा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक की जानकारी प्रेस को मनीष कुमार ने दी।

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