झामुमो ने बाबूलाल मरांडी के बालू घाट आरोपों को किया खारिज
मुख्य बिंदु-
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झामुमो ने बाबूलाल मरांडी के आरोपों को भ्रामक बताया
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नई बालू घाट नियमावली का उद्देश्य पारदर्शिता और अवैध उत्खनन पर रोक
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पेसा कानून और ग्राम सभा अधिकारों के प्रति हेमंत सरकार प्रतिबद्ध
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समूह आधारित नीलामी से भ्रष्टाचार और बंदरबांट की संभावना कम
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बालू घाट से राजस्व बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार सृजन होगा
बाबूलाल मरांडी के आरोपों पर झामुमो की प्रतिक्रिया
रांची, 09 सितंबर 2025- झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बालू घाटों को लेकर लगाए गए आरोपों को तथ्यों से परे और भ्रामक करार दिया। झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि सरकार की नई नियमावली का उद्देश्य बालू घाटों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाना और अवैध उत्खनन पर रोक लगाना है।
पांडेय ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा शासन में बालू माफिया वर्षों तक बेखौफ सक्रिय रहे, तब मरांडी ने चुप्पी साधे रखी। अब जब हेमंत सरकार ने व्यवस्थित व्यवस्था बनाई है, तब मरांडी अचानक गरीब, आदिवासी और युवाओं की चिंता जताने लगे हैं।
पारदर्शिता और रोजगार सृजन पर जोर
पांडेय ने बताया कि पेसा कानून लागू करने और ग्राम सभा को अधिकार देने में सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही प्राकृतिक संसाधनों के दोहन में पारदर्शिता और पर्यावरणीय मानकों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है।
नई नीति के तहत समूह आधारित नीलामी लागू होगी, जिससे भ्रष्टाचार और बंदरबांट की संभावना खत्म होगी। इससे राज्य का राजस्व बढ़ेगा और गांवों के विकास तथा युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर खर्च किया जा सकेगा।
झामुमो का संदेश
झामुमो ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर वर्ग के हित में काम कर रही है और बालू घाटों के अधिकार ग्राम सभा और राज्य के कानूनी ढांचे के तहत ही तय किए जाएंगे। पांडेय ने कहा कि बाबूलाल मरांडी को निराधार आरोप लगाने के बजाय राज्य के विकास में रचनात्मक सुझाव देने चाहिए।
