DMFT corruption

आलोक दूबे का बड़ा दावा—“DMFT घोटाला रघुवर सरकार की देन”

झारखंड/बिहार विधानसभा चुनाव

मुख्य बिंदु 

  • कांग्रेस ने DMFT भ्रष्टाचार मामले में भाजपा पर सीधा हमला बोला

  • आलोक दूबे बोले—DMFT घोटाले की जड़ें भाजपा शासन में ही पड़ी थीं

  • रघुवर दास सरकार पर लगाया संगठित भ्रष्टाचार का आरोप

  • कांग्रेस ने कहा—DMFT सुधार हमारे दौर में शुरू हुए, भाजपा ने कभी पारदर्शिता नहीं लाई

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रांची: DMFT मुद्दे पर कांग्रेस का पलटवार, भाजपा पर लगाए कई गंभीर आरोप

रांची। झारखंड में DMFT (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच कांग्रेस ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा रोज़ाना नैतिकता का उपदेश देने से पहले अपने शासनकाल की “लूट और सिस्टम खराब करने वाली भूमिका” को याद करे।

“DMFT में भ्रष्टाचार की जड़ें भाजपा शासनकाल में ही डाली गईं”

आलोक दूबे ने दावा किया कि आज जिन लखपति क्लर्कों और अधिकारियों पर उंगलियां उठ रही हैं, उनके संरक्षणकर्ता कौन थे—यह झारखंड की जनता अच्छे से जानती है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस भ्रष्टाचार पर आज शोर मचा रही है, उसी भ्रष्टाचार की बुनियाद भाजपा के कार्यकाल में रखी गई थी।

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रघुवर सरकार पर सबसे बड़ा संगठित घोटाले का आरोप

उन्होंने आगे कहा कि DMFT का सबसे बड़ा और संगठित घोटाला रघुवर दास के शासनकाल में सामने आया था। उस समय करोड़ों रुपये की बंदरबांट, मनमानी फाइल प्रोसेसिंग और मिलीभगत की लगातार शिकायतें आती थीं। “वही अधिकारी, वही फाइलें और वही सिस्टम—आज तक जो भी भ्रष्टाचार दिख रहा है, वह उसी दौर की देन है,” दुबे ने कहा।

“51 लाख के साथ पकड़े गए क्लर्क को किसने ताकत दी?”

कांग्रेस नेता ने बोकारो में 51 लाख रुपये नकद के साथ पकड़े गए क्लर्क का हवाला देते हुए भाजपा से पूछा कि उसे इतना साहस और ताकत किसके संरक्षण में मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन के दौरान DMFT एक तरह से “भ्रष्टाचार का अड्डा” बन गया था।

कांग्रेस ने गिनाए अपने सुधार—ई-टेंडरिंग, ऑडिट, मॉनिटरिंग सिस्टम लागू

इस दौरान आलोक दूबे ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने DMFT में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। इनमें फाइल मॉनिटरिंग सिस्टम, ई-टेंडरिंग प्रक्रिया, वित्तीय ऑडिट और जवाबदेही तय करने जैसे उपाय शामिल हैं, जिन्हें भाजपा सरकार ने कभी लागू नहीं किया था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सिस्टम सुधारने का काम किया है, जबकि भाजपा ने अपने समय में सिर्फ “लूट का विस्तार” किया।

“5 साल लूट चलाने वाले आज उपदेश की स्थिति में नहीं”

उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता सबकुछ देख रही है। “जो लोग 5 साल तक लूट का साम्राज्य चलाते रहे, वे आज नैतिकता का पाठ पढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं। कांग्रेस किसी भी भ्रष्टाचार को राजनीतिक संरक्षण नहीं देती, लेकिन भाजपा का इतिहास रहा है कि कार्रवाई की आहट मिलते ही आरोपी को पार्टी की ‘वॉशिंग मशीन’ में डालकर सफेद कर दिया जाता है।”

कांग्रेस का दावा—कानून स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है

दूबे ने कहा कि वर्तमान सरकार में किसी को राजनीतिक ढाल नहीं दी जाती। कानून अपना काम कर रहा है और आगे भी करता रहेगा।

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