रिम्स में भ्रष्टाचार पर भाजपा का बड़ा आरोप: अमर बाउरी बोले- ईमानदार निदेशक को हटाकर संस्थान को झोंका जा रहा है आग में.
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अमर बाउरी का बड़ा आरोप – पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने रिम्स में गहरे भ्रष्टाचार और राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाया।
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रिम्स निदेशक की बर्खास्तगी पर सवाल – डॉ. राजकुमार को बिना कारण, बिना जांच और बिना सूचना के हटाया जाना बताया गया गलत और अन्यायपूर्ण।
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ईमानदारी पर सजा – बाउरी ने कहा कि डॉ. राजकुमार एक ईमानदार अधिकारी थे, जिनके कार्यकाल में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ।
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आउटसोर्स कंपनियों पर घोटाले का आरोप – हेल्थमैप और मेडाल कंपनियों पर फर्जी बिल, नकली हस्ताक्षर और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप महालेखाकार की रिपोर्ट में दर्ज।
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स्वास्थ्य मंत्री पर दबाव का आरोप – निदेशक पर गलत भुगतान और टेंडर में हस्तक्षेप के लिए मंत्री द्वारा दबाव बनाए जाने की बात कही गई।
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जातिगत भेदभाव का आरोप – अनुसूचित समाज से आने वाले निदेशक के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार बताया गया।
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MRI टेंडर में धांधली का आरोप – कैबिनेट द्वारा स्वीकृत टेंडर को निरस्त कर मनपसंद ठेकेदार को लाभ पहुंचाने का आरोप।
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भाजपा की चार मांगें –
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निदेशक को हटाने की निष्पक्ष जांच
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हेल्थमैप-मेडाल की सीबीआई जांच
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सेंट्रल लैब में देरी की स्वतंत्र जांच
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मुख्यमंत्री और राज्यपाल जनता को जानकारी दें
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गरीबों को होगा नुकसान – राजनीतिक दखल के कारण रिम्स की सेवा प्रभावित होने से गरीब मरीजों को सबसे अधिक नुकसान होने की चेतावनी।
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भाजपा नेताओं की मौजूदगी – प्रेस वार्ता में रविंद्र कुमार पांडेय, जयदेव राय, अर्जुन सिंह सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता शामिल रहे।
बेरमो। झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान) को लेकर एक बार फिर से बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। शनिवार को बेरमो में आयोजित एक प्रेस वार्ता में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने रिम्स में गंभीर अनियमितताओं और राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए सरकार पर निशाना साधा।

“रिम्स गरीबों के इलाज का केंद्र, अब भ्रष्टाचार का अड्डा”
अमर बाउरी ने कहा कि रिम्स जैसे संस्थान पर झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता की सेहत निर्भर करती है, लेकिन अफसोस की बात है कि यह संस्था अब भ्रष्टाचार की गिरफ्त में है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री की सीधी दखलअंदाजी के कारण ईमानदार अधिकारी काम नहीं कर पा रहे हैं और भ्रष्ट तत्वों को संरक्षण मिल रहा है।
“डॉ. राजकुमार को बिना कारण हटाया गया”
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने रिम्स के पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमार को बिना पूर्व सूचना और जांच के पद से हटाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह एक ईमानदार और अनुसूचित जाति से आने वाले अधिकारी के साथ अन्याय है। डॉ. राजकुमार के खिलाफ कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है और उनके 14 महीने के कार्यकाल को कुशल प्रशासन और पारदर्शिता के लिए जाना जाता है।

“हेल्थमैप और मेडाल कंपनियों में घोटाले की आशंका”
बाउरी ने कहा कि महालेखाकार (AG) की रिपोर्ट में हेल्थमैप और मेडाल जैसी आउटसोर्स कंपनियों पर गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख है। फर्जी बिल, डॉक्टरों के फर्जी हस्ताक्षर और वित्तीय गड़बड़ियों के बावजूद इन कंपनियों के फर्जी बकायों का भुगतान करने का दबाव स्वास्थ्य मंत्री द्वारा निदेशक पर डाला जा रहा था।
“टेंडर में भी भ्रष्टाचार का आरोप”
उन्होंने आरोप लगाया कि कैबिनेट से स्वीकृत एमआरआई मशीन के टेंडर को निरस्त कर किसी खास ठेकेदार को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक दखल और भ्रष्टाचार का संकेत देती है।
“कांग्रेस पर जातिगत भेदभाव का आरोप”
बाउरी ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि बाबा साहब के नाम पर राजनीति करने वाले लोग अनुसूचित समाज से आने वाले अधिकारी के साथ अन्याय कर रहे हैं, जो उनकी कथनी और करनी का अंतर साफ दर्शाता है।
भाजपा की चार प्रमुख मांगें
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रिम्स निदेशक को हटाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच।
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हेल्थमैप और मेडाल से जुड़े वित्तीय लेन-देन की सीबीआई जांच।
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रिम्स सेंट्रल लैब के निर्माण में देरी की स्वतंत्र जांच।
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मुख्यमंत्री व राज्यपाल द्वारा जनता के सामने मामले की जानकारी साझा करना।
“राजनीतिक दबाव का शिकार बना रिम्स तो भुगतेंगे गरीब मरीज”
अमर बाउरी ने चेताया कि अगर रिम्स को इसी तरह राजनीतिक दबाव में चलाया गया तो इसका सबसे बुरा असर झारखंड के गरीब मरीजों पर पड़ेगा।
सम्मेलन में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
इस संवाददाता सम्मेलन में गिरिडीह के पूर्व सांसद रविंद्र कुमार पांडेय, बोकारो भाजपा जिला अध्यक्ष जयदेव राय, किसान मोर्चा के महामंत्री अर्जुन सिंह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
