Anurag Gupta DGP AJSU Party

AJSU Party – “हेमंत सरकार के विवादास्पद फैसलों से प्रशासन की साख गिरी”

झारखंड/बिहार ताज़ा ख़बर विधानसभा चुनाव

डीजीपी अनुराग गुप्ता के इस्तीफे पर आजसू का बड़ा बयान, परवाज़ खान बोले – “यह मौजूदा सिस्टम पर चेतावनी है, सरकार को पारदर्शिता पर देना होगा ध्यान”

मुख्य बिंदु:

  • आजसू ने कहा – हेमंत सरकार के विवादास्पद फैसलों से प्रशासनिक ईमानदारी पर उठे थे सवाल

  • डीजीपी अनुराग गुप्ता का इस्तीफा बताया – “सिस्टम को चेताने वाला संकेत”

  • परवाज़ खान बोले – “सरकार को दूरदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की जरूरत”

  • घाटशिला उपचुनाव के बीच प्रशासनिक विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक


रांची, 5 नवंबर 2025:

झारखंड में पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग गुप्ता के इस्तीफे के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। इस प्रकरण पर आजसू पार्टी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह इस्तीफा “सिस्टम की असली हालत का आईना” है।

आजसू पार्टी के केन्द्रीय मीडिया संयोजक परवाज़ खान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि

“हेमंत सरकार द्वारा बौद्धिक पतन के बाद लिए गए विवादास्पद फैसलों के परिणामस्वरूप जब एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी को राज्य का डीजीपी नियुक्त किया गया था, तभी प्रशासनिक ईमानदारी और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए थे।”

“डीजीपी का त्यागपत्र सिस्टम को चेताने वाला संकेत” – परवाज़ खान

परवाज़ खान ने कहा कि अनुराग गुप्ता का इस्तीफा केवल एक पद से त्याग नहीं, बल्कि यह प्रशासनिक प्रणाली को चेतावनी देने जैसा कदम है।

“यह इस्तीफा न केवल उस विवादास्पद प्रकरण पर विराम है, बल्कि यह एक दक्ष अधिकारी द्वारा अपने सहयोगियों को मौजूदा सिस्टम से सतर्क रहने का संदेश भी देता है,” उन्होंने लिखा।

उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड की जनता अब पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है। ऐसे में सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रशासनिक व्यवस्था में जनता का विश्वास पुनः बहाल हो।

“घाटशिला उपचुनाव के बीच प्रशासनिक पारदर्शिता बेहद जरूरी”

आजसू नेता ने कहा कि जब राज्य में घाटशिला उपचुनाव होने जा रहा है, ऐसे समय में प्रशासनिक निष्पक्षता और पारदर्शिता की परीक्षा है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 246 का उल्लेख करते हुए कहा,

“कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है। इसलिए सरकार से अपेक्षा है कि वह संवेदनशीलता और दूरगामी सोच के साथ ऐसे निर्णय ले, जिससे न केवल प्रशासनिक विश्वसनीयता बनी रहे बल्कि जनता का भरोसा भी मजबूत हो।”

“सरकार केवल फैसले न ले, संवाद भी बनाए” – आजसू पार्टी

परवाज़ खान ने कहा कि आजसू पार्टी राज्य निर्माण में दिए गए बलिदानों के महत्व को भलीभांति समझती है। उन्होंने कहा,

“हमारा स्पष्ट मत है कि मौजूदा सरकार केवल फैसले न ले, बल्कि ऐसे संवाद और नीतिगत भरोसे की स्थापना करे जिससे प्रशासन और जनता के बीच विश्वास व परस्पर सहयोग बना रहे और वो दिखे भी।”

आजसू ने सरकार को दी नसीहत – “जन-विश्वास की पुनर्स्थापना ही सर्वोच्च प्राथमिकता”

आजसू पार्टी ने कहा कि हेमंत सरकार को चाहिए कि वह जवाबदेही की भावना के साथ प्रशासनिक ढांचे को दुरुस्त करे, ताकि जनता का विश्वास दोबारा कायम हो सके।

“राज्य की जनता अब पारदर्शी शासन चाहती है, जहां निर्णय न केवल ईमानदारी से लिए जाएं बल्कि वे जनता को दिखें भी,” परवाज़ खान ने कहा।

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