झारखंड आंदोलनकारी स्व. कमल किशोर भगत की जयंती पर आजसू कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा, संघर्ष और विचारों को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प
मुख्य बिंदु:
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आजसू केंद्रीय कार्यालय में पूर्व विधायक स्व. कमल किशोर भगत की 57वीं जयंती मनाई गई
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सभा की अध्यक्षता महानगर वरीय उपाध्यक्ष बंटी यादव ने की
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केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर बोले – भगत जी के संघर्ष को कभी नहीं भूलेंगे
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कमल किशोर भगत 1999 में लालकृष्ण आडवाणी के साथ वार्ता में भी शामिल रहे थे
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पार्टी नेताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर किया श्रद्धासुमन अर्पण
रांची, 01 अगस्त 2025- आजसू पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में झारखंड आंदोलनकारी, पूर्व विधायक स्व. कमल किशोर भगत की 57वीं जयंती के मौके पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के महानगर वरीय उपाध्यक्ष बंटी यादव ने की, जबकि कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता इस अवसर पर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में स्व. भगत जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई।
“संघर्ष का नाम था कमल किशोर भगत”
पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्व. कमल किशोर भगत ने झारखंड आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। वे सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि आंदोलन का मजबूत स्तंभ थे। उन्होंने कहा, “1995 के बाद जब पार्टी में बिखराव की स्थिति बनी, उस समय भगत जी ने संगठन को संभालकर रखा। हमने हर मोर्चे पर साथ संघर्ष किया।”
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उन्होंने आगे कहा कि 1999 में जब तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के साथ झारखंड राज्य के गठन को लेकर वार्ता हुई, उस बैठक में कमल किशोर भगत भी पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। “आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और सपना आजसू पार्टी की आत्मा में समाहित है,” श्री प्रभाकर ने कहा।
“आजसू एक आंदोलन नहीं, एक वटवृक्ष है”
सभा को संबोधित करते हुए प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि आजसू कोई सामान्य संगठन नहीं है, बल्कि यह आंदोलनों की गहराइयों से निकला एक वटवृक्ष है। “हम सभी संकल्प लेते हैं कि भगत जी के विचारों और संघर्ष को जिंदा रखेंगे और झारखंड के निर्माण में उनकी भावना के अनुरूप कार्य करेंगे।”
कमल किशोर भगत की स्मृति में प्रतिबद्धता दोहराई गई
आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव संजय मेहता ने कहा कि कमल किशोर भगत का झारखंड राज्य के गठन में विशेष योगदान रहा। वे लोहरदगा से विधायक बने और जनता की समस्याओं के लिए लगातार संघर्षरत रहे।
महानगर उपाध्यक्ष बंटी यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भगत के विचार और नेतृत्व से प्रेरित होकर वे आजसू पार्टी से जुड़े थे। वे एक प्रेरणादायी नेता थे, जिनका जीवन युवाओं के लिए उदाहरण है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई नेता और कार्यकर्ता
श्रद्धांजलि सभा में पार्टी के हरीश कुमार, बबलू महतो, रमेश गुप्ता, आशीष पाठक, पूतुल यादव, मनोज ठाकुर, संजय वर्मा, अभिषेक नायक, सौरव समीर, रवि कुमार समेत कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कमल किशोर भगत जैसे संघर्षशील नेताओं की जयंती पर आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा ने एक बार फिर झारखंड आंदोलन की स्मृतियों को जीवंत कर दिया। आजसू पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनके सपनों के झारखंड को साकार करने का संकल्प लिया।
