हेमंत सरकार पर सुदेश महतो का हमला: शिक्षा नहीं, सत्ता की राजनीति प्राथमिकता; आजसू छात्र मिलन समारोह में युवाओं का हुजूम
मुख्य बिंदु:
-
सुदेश महतो बोले – राज्यपाल के अधिकारों पर हमला, यह संविधान का अपमान
-
आजसू छात्र मिलन समारोह में राज्यभर के छात्र हुए शामिल
-
बेरोजगारी, नियुक्ति विफलता और शिक्षा उपेक्षा को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार
-
कुलपति चयन पर सरकार का हस्तक्षेप युवाओं के अधिकारों का उल्लंघन
-
रांची समेत कई जिलों के छात्र आजसू में शामिल, प्रताप सिंह के नेतृत्व में सदस्यता
शिक्षा नहीं, सत्ता प्राथमिकता: सुदेश महतो का हेमंत सरकार पर तीखा प्रहार
रांची, 29 जुलाई 2025- आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने एक बार फिर हेमंत सरकार पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा सुधार नहीं, बल्कि सत्ता की मजबूती और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना है।
राज्यपाल के अधिकारों में कटौती पर उन्होंने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा,
“कुलपति का चयन अब सरकार करेगी, यह छात्रों के अधिकारों पर सीधा हमला है। यह लोकतांत्रिक परंपराओं और संविधान की मूल भावना का अपमान है।”
https://newsmonitor.in/marandis-attack-rs-3-lakh-compensation-for-vote-bank-discrimination-on-death-of-devotees/
बेरोजगारी पर बोले सुदेश – नौकरी सिर्फ कागजों पर
रांची में आयोजित आजसू छात्र मिलन समारोह को संबोधित करते हुए महतो ने कहा कि झारखंड में बेरोजगारी चरम पर है।
“युवाओं को नौकरी नहीं, बल्कि शराब की दुकान का समय तय करना सरकार की प्राथमिकता बन चुकी है। नियुक्ति कैलेंडर सिर्फ घोषणाओं तक सीमित है, तीन महीनों में योजनाओं पर शून्य खर्च हुआ है।”
आजसू की लड़ाई जन-जन के लिए
महतो ने स्पष्ट किया कि आजसू पार्टी झारखंड के हर वर्ग की आवाज है।
“हम गांव-परिवार से लेकर राज्य के हर क्षेत्र में विचारों को जोड़कर निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे। यह केवल पार्टी नहीं, एक आंदोलन है।”
उन्होंने कहा कि स्थानीय नीति और नियोजन नीति को लेकर सरकार ने युवाओं को झूठे वादों से गुमराह किया है।
प्रवीण प्रभाकर बोले – संघर्ष की विरासत है आजसू
पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि आजसू ने आंदोलन और संघर्ष से झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलवाया।
“हमने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से बात कर झारखंड का नामकरण कराया, यह सिर्फ संगठन नहीं, पहचान है।”
उन्होंने युवाओं को भरोसा दिलाया कि आजसू हमेशा छात्रों और समाज के हर वर्ग की लड़ाई लड़ेगा।
रांची से गिरिडीह तक छात्रों की भागीदारी, आजसू में शामिल हुए
इस मौके पर प्रताप सिंह के नेतृत्व में रांची, बोकारो, देवघर, चतरा और गिरिडीह जिलों से दर्जनों छात्र आजसू में शामिल हुए।
शामिल होने वाले प्रमुख छात्र:
-
रांची: प्रताप सिंह, विद्यानंद राय, ऋषभ सिंह, राहुल पासवान, सिकंदर मुंडा
-
बोकारो: कार्तिक गुप्ता, अरुण जायसवाल, गौरव कुमार
-
देवघर: सचिन सिंह, आयुष सिंह, प्रीतम भारद्वाज
-
चतरा: शुभम तिवारी, रोशन कुमार, अमिताभ कुमार
-
गिरिडीह: किशोर मंडल
प्रताप सिंह ने कहा,
“आजसू कोई संगठन नहीं, एक सोच है। यह वीर योद्धाओं की पार्टी है, जो झारखंड को सुनहरा बनाने के लिए समर्पित है।”
