🔹 मुख्य बिंदु:
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर लगाया नकारात्मक फैसले लेने का आरोप
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सरकार ने 8,900 टीजीटी और पीजीटी पदों को सरेंडर करने का फैसला किया
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शिक्षकों की भारी कमी के बावजूद पद खत्म करना बताया युवाओं के साथ अन्याय
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हज़ारों छात्रों की उम्मीदों को बताया समाप्त
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बाबूलाल ने सरकार से फैसला तुरंत वापस लेने और नई भर्तियों की मांग की
हेमंत सरकार बेरोजगार युवाओं की उम्मीदों पर चला रही कुठाराघात: बाबूलाल मरांडी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार पर कैबिनेट में लगातार नकारात्मक फैसले लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार दूसरी बार सत्ता में लौटने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करने का वादा कर सत्ता में आई थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। सरकार नौकरियाँ देने के बजाय उन्हें छीनने में लगी हुई है।

8,900 शिक्षक पद खत्म करना बताया दुर्भाग्यपूर्ण फैसला
मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार ने कैबिनेट में 8,900 टीजीटी और पीजीटी पदों को सरेंडर करने का निर्णय लिया है, जबकि राज्य में पहले से ही शिक्षकों के लाखों पद खाली हैं। यह फैसला न सिर्फ शिक्षित बेरोज़गारों के साथ अन्याय है, बल्कि यह प्रदेश के शिक्षा तंत्र को कमजोर करने की साजिश भी है।
छात्रों और बेरोजगारों की उम्मीदों को बताया कुचला गया
उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन हज़ारों प्रतियोगी छात्रों की आशाओं का अंत है, जो वर्षों से शिक्षक बनने के लिए मेहनत कर रहे थे। पदों को समाप्त करना विद्यार्थियों के भविष्य पर भी गंभीर असर डालेगा।
सरकार से फैसला वापस लेने की मांग
मरांडी ने मांग की कि राज्य सरकार इस निर्णय को अविलंब वापस ले और जल्द से जल्द रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करे, ताकि शिक्षित युवाओं को रोजगार मिले और राज्य का शिक्षा तंत्र मजबूत हो।
