🔹 मुख्य बिंदु (Major Points):
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झारखंड अभिभावक संघ ने शुल्क नियमन पर सरकार से की कार्रवाई की मांग
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जिला और विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति गठन की अपील
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जब तक समिति न बने, तब तक केवल शैक्षिक शुल्क लेने की मांग
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अन्य शुल्कों पर रोक लगाने की मांग
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राज्य के शिक्षा मंत्री और रांची डीसी को सौंपा गया पत्र
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निजी विद्यालयों पर मनमाने शुल्क वसूली का आरोप
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अधिनियम लागू होने के बावजूद अब तक कोई समिति गठित नहीं
📰 प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक की मांग, झारखंड अभिभावक संघ ने सरकार से शुल्क समिति गठन की अपील
झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण अधिनियम के प्रावधानों का पालन न होने पर चिंता
रांची, 5 अप्रैल 2025 — झारखंड अभिभावक संघ ने एक बार फिर राज्य सरकार से अपील करते हुए निजी विद्यालयों में शुल्क वसूली पर नियंत्रण हेतु ठोस कदम उठाने की मांग की है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के तहत जिला और विद्यालय स्तरीय शुल्क समितियों का गठन नहीं हो जाता, तब तक स्कूलों को केवल शैक्षिक शुल्क ही वसूलने की अनुमति दी जाए।
शिक्षा मंत्री और उपायुक्त को सौंपा गया पत्र
अभिभावक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने इस संदर्भ में शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन और रांची उपायुक्त को पत्र सौंपा है। पत्र में उन्होंने बताया कि यह अधिनियम 7 जनवरी 2019 से प्रभावी है, लेकिन आज तक राज्य या जिला स्तर पर कोई समिति गठित नहीं हुई है। इसके कारण निजी स्कूल मनमाने ढंग से शुल्क में वृद्धि कर रहे हैं।
मनमाने शुल्कों से अभिभावकों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
अजय राय ने कहा कि कई निजी विद्यालय शैक्षिक शुल्क के अलावा प्रवेश शुल्क, वार्षिक शुल्क, पुस्तक-स्टेशनरी, खेलकूद, कंप्यूटर, लैब, इंश्योरेंस और कैम्पस रखरखाव शुल्क जैसे अतिरिक्त शुल्क भी वसूल रहे हैं। यह सब बिना किसी नियमन के हो रहा है, जिससे अभिभावक अवांछित आर्थिक दबाव में आ रहे हैं।
समिति गठन तक केवल शैक्षिक शुल्क लेने की मांग
संघ ने कहा है कि जब तक शुल्क समितियों का गठन नहीं होता, तब तक विद्यालयों को सिर्फ ट्यूशन फीस लेने की अनुमति दी जाए। अन्य शुल्कों पर पूर्णतः रोक लगाई जाए। इससे अभिभावकों को राहत मिलेगी और शिक्षा का अधिकार भी सुनिश्चित होगा।
सूचना पारदर्शिता के लिए वेबसाइट पर समिति की जानकारी देने की अपील
संघ ने यह भी सुझाव दिया है कि जब भी समिति गठित हो, उसकी जानकारी विद्यालयों की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाए। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और अभिभावकों को अधिकारिक जानकारी मिल सकेगी।
सरकार की तत्परता की सराहना, शीघ्र कदम की अपेक्षा
संघ ने शिक्षा मंत्री की विधानसभा में की गई टिप्पणी का हवाला देते हुए सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। उन्होंने कहा कि इससे झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में नियम, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलेगी।
