“सरकार संवैधानिक संस्थाओं को बना रही निष्क्रिय”– JDU.

झारखंड/बिहार विधानसभा चुनाव

जदयू का हेमंत सरकार पर निशाना: संवैधानिक पदों की अनदेखी गंभीर चिंता का विषय

मुख्य बिंदु:

  1. जदयू प्रवक्ता ने राज्य में संवैधानिक पदों की खाली स्थिति को बताया चिंताजनक

  2. लोकायुक्त, सूचना आयोग, मानवाधिकार आयोग जैसे पदों पर नियुक्ति न होना सरकार की मंशा पर सवाल

  3. एक माह बीतने के बाद भी नियुक्तियों में प्रगति नहीं, विपक्ष की भूमिका की उपेक्षा

  4. भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, मानवाधिकार और RTI से जुड़े हज़ारों मामले लंबित

  5. पीड़ितों की नहीं हो रही सुनवाई, सभी आयोग बने निष्क्रिय



संवैधानिक संस्थाएं ठप, सरकार की नीयत पर सवाल: सागर कुमार

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश प्रवक्ता सागर कुमार ने झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कई महत्वपूर्ण संवैधानिक पद जैसे लोकायुक्त, मुख्य सूचना आयुक्त, सूचना आयुक्त, मानवाधिकार आयोग और महिला आयोग के अध्यक्ष जैसे पद लंबे समय से रिक्त हैं, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।

नियुक्तियों में देरी, सरकार की मंशा पर संदेह

सागर कुमार ने कहा कि नेता विपक्ष की नियुक्ति के बाद एक महीना बीत चुका है, लेकिन सरकार ने इन संवैधानिक पदों पर नियुक्ति की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। यह इस बात का संकेत है कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही से बचना चाहती है।

न्यायालय के निर्देशों की हो रही अवहेलना

उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों की निरंतर अवहेलना कर रही है। संवैधानिक संस्थाओं की निष्क्रियता से लोकतंत्र की नींव कमजोर हो रही है।

भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न के मामले लंबित

प्रवक्ता के अनुसार, राज्य में भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, मानवाधिकार हनन और सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े हज़ारों मामले वर्षों से लंबित हैं। न तो इनकी सुनवाई हो रही है और न ही कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। इससे पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।

सभी आयोग बन चुके हैं निष्क्रिय

सागर कुमार ने कहा कि वर्तमान में राज्य के सभी प्रमुख आयोग लगभग डिफंक्शनल हो चुके हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन पदों पर शीघ्र नियुक्तियां कर जनता को राहत दी जाए और लोकतंत्र को मजबूत बनाया जाए।

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