paras hec hospital ranchi

99% ब्लॉक स्टेंट, हार्ट फेलियर—पारस अस्पताल ने 54 वर्षीय मरीज को नई जिंदगी दी.

झारखंड/बिहार

मुख्य बिंदु-

  • 54 वर्षीय डायबिटिक हार्ट मरीज इमरजेंसी में गंभीर हालत में भर्ती

  • दो स्टेंट 99% बंद, तीसरा भी 50% तक अवरुद्ध—हार्ट फेलियर की स्थिति

  • लेफ्ट मेन बाईफर्केशन स्टेंटिंग जैसी अत्यंत जटिल प्रक्रिया सफल

  • डॉ. कुंवर अभिषेक आर्य और टीम ने जान बचाई

  • 2 दिन में डिस्चार्ज, 3 महीने बाद ईएफ बढ़कर 40%

  • हॉस्पिटल ने उन्नत तकनीक और टीमवर्क का दिया संदेश


पारस एचईसी हॉस्पिटल में हाई-रिस्क हार्ट केस पर बड़ी सफलता

रांचीपारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. कुंवर अभिषेक आर्य और उनकी टीम ने एक 54 वर्षीय डायबिटिक और गंभीर हार्ट मरीज की जान बचाते हुए महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि हासिल की। मरीज को इमरजेंसी में अत्यंत गंभीर हालत—तेज़ छाती दर्द, सांस फूलना और बहुत कम ब्लड प्रेशर—के साथ लाया गया था। स्थिति बिगड़ती देख उसे तुरंत वेंटिलेटर और आयनोट्रोपिक सपोर्ट पर रखते हुए सीसीयू में शिफ्ट किया गया।

हिस्ट्री में पता चला कि मरीज को दो महीने पहले तीन स्टेंट लगाए गए थे, लेकिन नई एंजियोग्राफी में सामने आया कि उनमें से दो स्टेंट 99% तक ब्लॉक हो चुके थे, तीसरा भी 40–50% अवरुद्ध था। हार्ट की मुख्य धमनियों में से एक—लेफ्ट मेन आर्टरी—60–70% तक ब्लॉक थी।

मरीज हार्ट फेलियर और कार्डियोजेनिक शॉक की स्थिति में था और उसका ईजेक्शन फ्रैक्शन (EF) सिर्फ 20–25% पर काम कर रहा था, जो अत्यंत जोखिमपूर्ण माना जाता है।

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जटिल लेफ्ट मेन बाईफर्केशन स्टेंटिंग से मिली नई जिंदगी

स्थिति की गंभीरता देखते हुए डॉ. कुंवर अभिषेक आर्य ने तुरंत निर्णय लेते हुए मरीज को ऑपरेशन थिएटर ले जाया। हाई फ्लो ऑक्सीजन और आयनोट्रोप सपोर्ट के बीच IVUS-guided Left Main Bifurcation Stenting किया गया—जो कार्डियोलॉजी की सबसे जटिल और हाई-रिस्क प्रक्रियाओं में गिनी जाती है।

प्रक्रिया पूरी तरह सफल रही। मरीज की हालत ऑपरेशन के बाद तेजी से सुधरी और सिर्फ दो दिनों में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।

तीन महीने बाद के फॉलो-अप में उसकी EF बढ़कर लगभग 40% हो गई है—जो स्थिति को देखते हुए बेहद उल्लेखनीय सुधार है।

डॉ. आर्य ने कहा—
“समय पर निर्णय, उन्नत तकनीक और टीम की कुशलता ने इस हाई-रिस्क केस को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”

अस्पताल प्रबंधन ने टीम की सराहना की

पारस एचईसी हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने टीम की प्रोफेशनलिज्म और अस्पताल की क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा—
“इतने गंभीर और हाई-रिस्क मरीज को सफलतापूर्वक उपचार देना हमारी क्लिनिकल स्ट्रेंथ और उन्नत सुविधाओं का प्रमाण है। हमारा लक्ष्य हर मरीज को सर्वोत्तम और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराना है।”

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