प्रमुख बिंदु
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7000 मानव दिवस कर्मियों की उपेक्षा पर श्रमिक संघ का आक्रोश
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बोनस भुगतान और बकाया वेतन निपटान की उठी मांग
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नियमित नियुक्ति, आयु सीमा में छूट और अनुभव को प्राथमिकता की मांग
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संघ ने निगम प्रबंधन को दिया आंदोलन का अल्टीमेटम
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कहा—मांगें नहीं मानी गईं तो होगा राज्यव्यापी ब्लैकआउट
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रांची, 23 सितंबर 2025- झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) के अधीन कार्यरत लगभग 7000 मानव दिवस कर्मियों की उपेक्षा और शोषण को लेकर झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने निगम प्रबंधन को कड़ी चेतावनी दी है। संघ ने साफ कहा है कि यदि शीघ्र ही कर्मियों को बोनस भुगतान, बकाया वेतन निपटान और नियमितीकरण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पूरे राज्य में बिजली का ब्लैकआउट आंदोलन चलाया जाएगा।
संघ के अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि आउटसोर्स कर्मी निगम की रीढ़ हैं, जो पूरे साल 365 दिन बिना अवकाश काम करते हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो समय पर वेतन मिल रहा है और न ही बोनस का भुगतान हो रहा है। कई एरिया बोर्डों में महीनों से वेतन बकाया है, जिससे हजारों परिवार भुखमरी की स्थिति में पहुँच गए हैं।
संघ की प्रमुख मांगें
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सभी तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय रिक्त पदों (लगभग 80%) पर नियमित नियुक्ति की जाए।
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2016 और 2018 की तर्ज पर कार्य अनुभव को प्राथमिकता और आयु सीमा में छूट मिले।
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2014 के सर्वे फाइल के आधार पर 10 वर्ष से कार्यरत कर्मियों की सीधी नियुक्ति हो।
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अधिसूचना संख्या-625 (Destination Mapping) को निगम और सभी तीनों अनुषंगी कंपनियों में समान रूप से लागू किया जाए।
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सभी एजेंसियों को निर्देशित कर तत्काल बोनस भुगतान और बकाया वेतन का निपटान किया जाए।
अजय राय ने कहा कि अब यह स्थिति सहन-सीमा से बाहर हो चुकी है। यदि निगम प्रबंधन ने त्वरित कदम नहीं उठाए तो संघ आंदोलन को बाध्य होगा और राज्यव्यापी ब्लैकआउट की जिम्मेदारी पूरी तरह निगम प्रबंधन पर होगी।
संघ ने इस संबंध में एक विस्तृत ज्ञापन ईमेल के माध्यम से मुख्यमंत्री, निगम के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (CMD) और प्रबंध निदेशक (MD) को भेजा है।
