देशभर में ट्रेड यूनियनों की हड़ताल. झारखंड-बिहार में सड़कों पर उतरे लोग.

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देशव्यापी हड़ताल और बिहार में चक्काजाम: श्रम संहिता और निजीकरण के खिलाफ विपक्षी दलों का सड़कों पर विरोध

मुख्य बिंदु:

  • देशभर की 10 ट्रेड यूनियनों ने आज बुलाई हड़ताल

  • श्रम संहिता और निजीकरण के खिलाफ विरोध

  • बिहार में INDIA गठबंधन ने किया चक्काजाम

  • तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पूरे राज्य में प्रदर्शन

  • दरभंगा, भोजपुर, जहानाबाद में ट्रेनों को रोका गया

  • पटना, गया, पूर्णिया समेत कई शहरों में सड़कें जाम

  • टायर जलाकर और ट्रेनों पर चढ़कर जताया आक्रोश



रांची/पटना, 9 जुलाई
देशभर में आज श्रम कानूनों में बदलाव और निजीकरण के खिलाफ विरोध की लहर तेज हो गई है। देश की 10 प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने एकजुट होकर हड़ताल का आह्वान किया, जिसके असर बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

इसी कड़ी में बिहार में INDIA गठबंधन ने चक्काजाम का एलान करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन किया। विपक्ष का नेतृत्व कर रहे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव स्वयं सड़कों पर उतरे और कार्यकर्ताओं के साथ विरोध जताया।

सुबह से ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, वामदल, और विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के कार्यकर्ता जगह-जगह सड़कों पर उतर गए। उन्होंने केंद्र सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग के रवैये के खिलाफ भी नारेबाजी की।

Labour code protest India
देशभर में ट्रेड यूनियनों की हड़ताल

दरभंगा, भोजपुर और जहानाबाद में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों की आवाजाही रोक दी। दरभंगा में तो प्रदर्शनकारी ‘नमो भारत ट्रेन’ पर चढ़ गए और जोरदार विरोध जताया। यह दृश्य कुछ देर के लिए रेलवे प्रशासन के लिए चिंता का कारण बन गया।

इसके अतिरिक्त पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख जिलों में सड़कों को पूरी तरह से जाम कर दिया गया। कई जगहों पर टायर जलाए गए और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।

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ट्रेड यूनियनों और विपक्षी दलों का आरोप है कि केंद्र सरकार श्रम कानूनों में संशोधन कर मजदूरों के हितों को नुकसान पहुंचा रही है। साथ ही, वे निजीकरण की नीतियों को गरीब और मध्यम वर्ग के खिलाफ मानते हैं।

वहीं, विपक्ष का कहना है कि यह विरोध केवल एक राज्य या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में श्रमिक और आम जनता को जोड़कर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। कई जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि कानून व्यवस्था को बिगड़ने से रोका जा सके।

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