ED दफ्तर की जांच पर सियासी घमासान, JMM ने बाबूलाल मरांडी पर FIR की मांग की
रांची- झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी अपने ट्वीट के माध्यम से सेंट्रल फोर्स और स्टेट फोर्स को आमने-सामने खड़ा करना चाहते हैं, जिससे राज्य में अराजकता और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है।
ED दफ्तर में पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद
दरअसल, रांची स्थित एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) के कार्यालय में आज रांची पुलिस जांच के लिए पहुंची थी। यह कार्रवाई कथित पेयजल घोटाला मामले से जुड़ी है। आरोप है कि पूछताछ के दौरान ED कर्मचारियों द्वारा एक व्यक्ति के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद पीड़ित ने एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई।
FIR के आधार पर जांच के लिए पहुंची पुलिस
पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर ही रांची पुलिस ED कार्यालय जांच के लिए पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई कानून के तहत की गई है और इसका किसी भी प्रकार की राजनीतिक मंशा से कोई लेना-देना नहीं है।
मरांडी के बयान पर JMM का पलटवार
इस मामले को लेकर बाबूलाल मरांडी ने इसे ED के खिलाफ कार्रवाई बताया था। इसी बयान पर पलटवार करते हुए सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि ED कोई बीजेपी कार्यालय नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रही है, तो बाबूलाल मरांडी को “पेट में दर्द” क्यों हो रहा है।
आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग
सुप्रियो भट्टाचार्य ने रांची पुलिस से मांग की है कि बाबूलाल मरांडी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। उनका आरोप है कि मरांडी राज्य को अस्थिर करने और केंद्रीय व राज्य सुरक्षा बलों को आमने-सामने खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं।
राज्य की राजनीति हुई और गरम
ED कार्यालय में हुई पुलिस जांच के बाद झारखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। एक ओर जहां BJP इसे केंद्रीय एजेंसी के कामकाज में हस्तक्षेप बता रही है, वहीं JMM इसे कानून सम्मत कार्रवाई बताते हुए विपक्ष पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगा रही है।
