झारखंड हाईकोर्ट ने बहुचर्चित JSSC-CGL पेपर लीक मामले में आज महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए CBI जांच की मांग को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि 10 संदिग्ध अभ्यर्थियों को छोड़कर बाकी सभी उम्मीदवारों का परिणाम तत्काल जारी किया जाए, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया बिना किसी तरह की बाधा के आगे बढ़ सके।
कोर्ट ने कहा कि मामले में उपलब्ध तथ्यों और अब तक हुई जांच को देखते हुए CBI जांच की आवश्यकता नहीं है। साथ ही, JSSC को तुरंत रिजल्ट प्रकाशित करने और चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अनुमति प्रदान की गई है। हालांकि, जिन 10 अभ्यर्थियों को लेकर संदेह जताया गया है—खासकर नेपाल में रहकर परीक्षा की तैयारी करने की वजह से—उनके परिणामों पर रोक बरकरार रखने का निर्देश दिया गया है।
यह परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2024 को आयोजित हुई थी। परीक्षा के बाद कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर कई छात्र संगठनों ने सड़क से सोशल मीडिया तक जोरदार विरोध किया था और CBI जांच की मांग करते हुए लगातार प्रदर्शन किए थे।
पिछली सुनवाई में राज्य सरकार, JSSC, याचिकाकर्ताओं और सफल अभ्यर्थियों की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज कोर्ट ने परिणाम पर लगी रोक हटाते हुए नियुक्ति प्रक्रिया बहाल कर दी।
फैसले के बाद अभ्यर्थियों में राहत और उत्साह का माहौल है। लंबे समय से अटकी JSSC-CGL की नियुक्तियों का रास्ता अब साफ हो गया है। पेपर लीक विवाद के कारण महीनों तक अनिश्चितता बनी हुई थी, ऐसे में हाईकोर्ट का यह निर्णय मेहनत से परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
