चार लेयर जांच के विरोध में 16 जनवरी 2026 को झारखंड के 600 वित्त रहित शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक हड़ताल
रांची।
चार लेयर जांच व्यवस्था के खिलाफ झारखंड के वित्त रहित शिक्षण संस्थानों ने आंदोलन का ऐलान किया है। राज्य के करीब 600 वित्त रहित संस्थानों में 16 जनवरी 2026 को पूर्ण शैक्षणिक हड़ताल रहेगी। इस दौरान राज्य के 195 इंटर कॉलेज, 300 उच्च विद्यालय, 46 मदरसा विद्यालय और 40 संस्कृत विद्यालयों में पठन-पाठन पूरी तरह ठप रहेगा।
हड़ताल के दिन शिक्षक एवं कर्मचारी अपने-अपने संस्थानों के गेट पर ताला लगाकर चार लेयर जांच के विरोध में नारेबाजी करेंगे तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपेंगे।
छुट्टी के दिन जांच पर सवाल
वित्त रहित मोर्चा के नेताओं ने कहा कि 14 जनवरी तक त्योहारों के कारण राज्य के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। न छात्र संस्थानों में आ रहे हैं और न ही शिक्षक, ऐसे में छुट्टी के दिन स्थलीय जांच का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने इसे पूरी तरह से अनावश्यक और मनमाना करार दिया।
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जियो टैगिंग के बाद स्थलीय जांच ‘फालतू’
नेताओं ने बताया कि संस्थानों द्वारा पहले ही जियो टैगिंग के माध्यम से फोटो और वीडियो, भवन, भूमि, प्रयोगशाला और पुस्तकालय से संबंधित सभी विवरण जैक और जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में जमा किए जा चुके हैं।
जियो टैगिंग का अर्थ सही समय और सही स्थान की पहचान के साथ अक्षांश-देशांतर सहित प्रमाण देना होता है, जिसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ या डुप्लीकेशन संभव नहीं है। ऐसे में घर बैठे ही स्थल की जांच पूरी हो सकती है।
‘चार स्तर की जांच उगाही का जरिया’
मोर्चा के नेताओं ने आरोप लगाया कि जब हर वर्ष नियमित जांच होती है, तो फिर चार लेयर की जांच की कोई आवश्यकता नहीं है। यह प्रक्रिया संस्थानों से पैसे की उगाही, डराने-धमकाने और मानसिक दबाव बनाने का माध्यम बन सकती है। इससे संस्थानों में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारियों का मनोबल टूटेगा।
हाईकोर्ट में याचिका की तैयारी
मोर्चा ने यह भी ऐलान किया कि छुट्टी के दिन जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा कराई जा रही स्थलीय जांच के खिलाफ झारखंड उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की जाएगी।
अधिनियम के खिलाफ बताया निर्णय
नेताओं ने कहा कि यह चार लेयर जांच झारखंड राज्य वित्त रहित शैक्षणिक संस्थान अनुदान अधिनियम 2004, नियमावली 2004 और संशोधित नियमावली 2015 के प्रावधानों के खिलाफ है। विभाग जानबूझकर 600 संस्थानों में कार्यरत शिक्षक-कर्मचारियों को परेशान कर रहा है।
अनुदान से चलता है जीवन
मोर्चा के अनुसार वित्त रहित संस्थानों में तीन लाख से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं। यहां कार्यरत शिक्षक और कर्मचारियों को वेतन के नाम पर एक रुपये भी नहीं मिलता, वे पूरी तरह अनुदान पर निर्भर हैं। विभाग भी इस स्थिति से भली-भांति अवगत है।
आंदोलन की चेतावनी
मोर्चा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि चार लेयर जांच को अविलंब नहीं रोका गया, तो राज्यव्यापी जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा।
16 जनवरी 2026 को सभी प्राचार्य और प्रधानाध्यापकों से संस्थान बंद रखने, पठन-पाठन ठप करने और गेट पर प्रदर्शन करने की अपील की गई है।
नेताओं ने दी जानकारी
इस आंदोलन की जानकारी मोर्चा के नेताओं कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, फजलुल कदीर अहमद, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, देवनाथ सिंह, मनीष कुमार, अरविंद सिंह, चंदेश्वर पाठक, गणेश महतो और मनोज तिर्की ने प्रेस को दी।
