वियतनाम सड़क हादसे में मृत रांची के राजा कुमार वर्मा के परिवार को 5 लाख की सहायता
रांची के कैलास नगर निवासी राजा कुमार वर्मा की वियतनाम में सड़क दुर्घटना के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी। अब झारखंड सरकार ने उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है और उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने में भी मदद की।
प्रमुख बातें
- राजा कुमार वर्मा वियतनाम में योग प्रशिक्षक के रूप में काम कर रहे थे।
- सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान उनका निधन हुआ।
- झारखंड सरकार ने आश्रितों को 5 लाख रुपये की सहायता दी।
- सहायता मुख्यमंत्री झारखण्ड अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना के तहत दी गई।
- हनोई स्थित भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के सहयोग से पार्थिव शरीर भारत लाया गया।
- कोलकाता से रांची तक पार्थिव शरीर पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने नि:शुल्क एम्बुलेंस उपलब्ध कराई।
- 5 अक्टूबर को पार्थिव शरीर रांची स्थित उनके पैतृक आवास पहुंचा।
परिजनों को सौंपी गई 5 लाख की सहायता राशि
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर राजा कुमार वर्मा के आश्रितों को आर्थिक सहायता दी गई। श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव और राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने दिवंगत के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि सौंपी।
यह राशि मुख्यमंत्री झारखण्ड अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना के तहत दी गई है।

वियतनाम में सड़क हादसे के बाद हुई थी मौत
राजा कुमार वर्मा वियतनाम में योग प्रशिक्षक के तौर पर कार्यरत थे। वहां एक सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
राजा कुमार के निधन की खबर मिलने के बाद परिवार ने उनका पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए झारखंड सरकार से मदद मांगी थी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुई कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। इसके बाद विदेश मंत्रालय और हनोई स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार समन्वय किया गया।
जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर हनोई से कोलकाता हवाई अड्डे लाया गया।
नौकरी से वोट तक क्या बदलेगा? JPSC, SIR और राजनीति पर बड़ा अपडेट
कोलकाता से रांची तक नि:शुल्क एम्बुलेंस
पार्थिव शरीर के कोलकाता पहुंचने के बाद उसे रांची स्थित पैतृक आवास तक लाने की जिम्मेदारी भी जिला प्रशासन ने संभाली। रांची जिला प्रशासन की ओर से कोलकाता से रांची तक नि:शुल्क एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई।
इसके बाद 5 अक्टूबर को राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर रांची लाया गया।
यह मामला विदेश में काम कर रहे झारखंड के लोगों और उनके परिवारों के लिए संकट की स्थिति में सरकारी सहायता की जरूरत को भी सामने लाता है।
