हर दिन 36 आदिवासी हिंसा के शिकार
रांची, 31 अक्टूबर 2025 — आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच ने देश में आदिवासियों पर बढ़ते हमलों और उनके अधिकारों के हनन को लेकर गंभीर चिंता जताई है। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष और त्रिपुरा विधानसभा में नेता विपक्ष जितेन चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो (NCRB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में हर दिन औसतन 36 आदिवासी हमलों के शिकार होते हैं, जिनमें सबसे ज्यादा घटनाएं भाजपा शासित राज्यों में दर्ज की गई हैं।
वन अधिकार कानून और बजट आवंटन पर भी उठाए सवाल
जितेन चौधरी ने कहा कि वन अधिकार कानून के तहत दिए गए आवेदनों को रद्द करने और आदिवासी उपयोजना (TSP) की राशि के दुरुपयोग में भी भाजपा शासित राज्य आगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आदिवासी विकास की बातें तो करती है, लेकिन धरातल पर आदिवासी समुदाय अब भी उपेक्षित है।
झारखंड से शुरू हुआ आंदोलन, अब 21 राज्यों तक फैला
प्रेस वार्ता में मंच के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सांसद पुलिन बिहारी बास्की ने कहा कि आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच की स्थापना 22 वर्ष पहले झारखंड में हुई थी, और अब यह संगठन देश के 21 से अधिक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सक्रिय है। उन्होंने कहा कि मंच ने हमेशा जल, जंगल, जमीन और खनिज की लूट के खिलाफ आवाज उठाई है।
खनन, विस्थापन और वन कानून में संशोधन पर विरोध तेज करने की तैयारी
बास्की ने कहा कि आने वाले दिनों में मंच देशभर में एक बड़ा और जुझारू आंदोलन छेड़ेगा, जो खनन से बढ़ते विस्थापन, प्रदूषण, और वन संरक्षण कानून में कॉरपोरेट पक्षीय संशोधनों के खिलाफ होगा। उन्होंने कहा कि “पशु रिजर्व के नाम पर आदिवासियों को जंगलों से बेदखल करना बंद किया जाए।”
शहीद सुभाष मुंडा हत्या मामले में हस्तक्षेप की मांग
बैठक में शहीद सुभाष मुंडा की हत्या की जांच लंबित रहने और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर चिंता जताई गई। मंच ने राज्य सरकार से इसमें शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की।
सड़क हादसे में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि
मंच की बैठक के दौरान बुंडू में सड़क दुर्घटना में मारे गए आदिवासी आक्रोश रैली के प्रतिभागियों को श्रद्धांजलि दी गई।
मंच के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
प्रेस वार्ता में तमिलनाडु के पूर्व विधायक दिल्ली बाबू, रांची जिला सचिव प्रकाश टोप्पो और डा. किर्ती सिंह मुंडा भी मौजूद रहे।
