पारस हॉस्पिटल रांची: सफलता की नई कहानी
रांची का पारस हॉस्पिटल दिन-प्रतिदिन नई सफलताओं की इबारत लिखता जा रहा है। अब इस सफलता में एक और अध्याय जुड़ गया है। पारस हॉस्पिटल को नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पीटल (NABH) की मान्यता प्राप्त हो गई है, जो मरीजों की सुरक्षा और बेहतर देखभाल के लिए दी जाती है। यह मान्यता चार साल की अवधि के लिए है।
NABH मान्यता: एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
इस बारे में पारस हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर, डॉ. नीतेश कुमार ने विस्तृत जानकारी दी। डॉ. नीतेश कुमार ने रांची में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि, NABH भारतीय गुणवत्ता परिषद का एक घटक बोर्ड है, जिसे स्वास्थ्य सेवा संगठनों के लिए प्रत्यायन कार्यक्रम स्थापित करने और संचालित करने के लिए स्थापित किया गया है।
निशुल्क सर्जरी: गरीबों के लिए वरदान
पारस हॉस्पिटल को NABH की मान्यता मिलने के साथ ही अब गरीब मरीजों के कटे होंठ और तालू के लिए निशुल्क सर्जरी की सुविधा उपलब्ध होगी। यह पूरे झारखंड में एकमात्र हॉस्पिटल है जहां जन्म से कटे होंठ और तालू वाले मरीजों का निशुल्क पंजीकरण स्माइल ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा।
स्माइल ट्रेन प्रोजेक्ट: एक अनूठी पहल
डॉ. नीतेश कुमार ने बताया कि स्माइल ट्रेन एक गैर-लाभकारी संगठन है जो कटे होंठ और तालू वाले बच्चों की सर्जरी प्रदान करता है। स्माइल ट्रेन की ओर से पारस हॉस्पिटल को निशुल्क इलाज की सहमति दी गई है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान स्माइल ट्रेन की एरिया डायरेक्टर साउथ एशिया, रेनू मेहता भी मौजूद थीं।
निष्कर्ष
पारस हॉस्पिटल की यह उपलब्धि न केवल अस्पताल के लिए बल्कि पूरे रांची और झारखंड के लोगों के लिए महत्वपूर्ण घटना है। NABH की मान्यता प्राप्त कर अस्पताल ने मरीजों की सुरक्षा और देखभाल में एक नया मानक स्थापित किया है। इसके साथ ही, स्माइल ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत निशुल्क सर्जरी की सुविधा गरीब मरीजों के लिए एक बड़ी राहत है।
