अब तो झारखंड के अल्पसंख्यक समाज को कांग्रेस से कोई नाराज़गी नहीं होनी चाहिए। अब तो यह कहना छोड़ देना चाहिए की 14 लोकसभा सीटों में से कोई भी सीट अल्पसंख्यक या फिर मुसलमानों को नहीं दिया गया है। कांग्रेस ने अब जो कदम उठाया है उसे सुनकर झारखंड के तमाम मुस्लिम समुदाय और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग खुश हो जाएंगे।
झारखंड में चौथे चरण से लोकसभा का चुनाव होना है। इसके लिए कांग्रेस ने 40 स्टार कैंपेनर की सूची जारी की है। इसमें सबसे पहले जो नाम है वह है कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, उसके बाद सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और तमाम बड़े नेताओं का जिक्र है। खबर ये नहीं है। खबर इसके बाद है।
झारखंड के लिए बेहद महत्वपूर्ण खबर यह है कि, गोड्डा के पूर्व सांसद और जामताड़ा से कांग्रेस के विधायक इरफान अंसारी के पिता फुरकान अंसारी लगातार गोड्डा लोकसभा क्षेत्र से टिकट चाहते थे। पार्टी पर इस बात को लेकर भी दबाव बनाने की कोशिश की गई की 14 में से इंडिया गठबंधन ने किसी भी सीट से मुस्लिम कैंडिडेट को उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। गोड्डा से फुरकान अंसारी को टिकट देकर उंगली कटाकर शहीदों में नाम दर्ज करा सकती है।
इरफान अंसारी रांची से लेकर दिल्ली तक इस बात के लिए को लेकर गुहार लगाते रहे। फुरकान अंसारी भी लगातार कोशिश करते रहे और मुस्लिम समुदाय के अन्य लोग भी इस बात की कोशिश में जुटे रहे। हालांकि, कांग्रेस ने किसी की एक न सुनी। यहां तक की गोड्डा से पहले दीपिका पांडे सिंह को और बाद में उनका नाम कट कर प्रदीप यादव को उम्मीदवार घोषित किया गया और फुरकान अंसारी मुंह ताकते रहे।
कांग्रेस की तरफ से 40 स्टार कैंपेनर की जो सूची जारी की गई है उसमें फुरकान अंसारी को 25वें नंबर में जगह मिली है। वैसे और भी मुस्लिम समुदाय के लोग झारखंड से हैं जिसमें आलमगीर आलम, मंजूर अंसारी और रियाज उल अंसारी का भी नाम शामिल है। लेकिन हम यहां बात कर रहे हैं फुरकान अंसारी की जो लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे। पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया और अब उनको स्टार कैंपेनर की सूची में रखकर उनका गुस्सा शांत करने की कोशिश की है।
क्या झारखंड के अल्पसंख्यक समाज की कांग्रेस के इस कदम के बाद नाराजगी दूर हो जाएगी। क्या फुरकान अंसारी जो यह कहते फिर रहे हैं कि, कांग्रेस पार्टी डरा कर वोट लेती है। क्या वो ये कहना छोड़ देंगे। क्या इरफान अंसारी जो कांग्रेस के जामताड़ा से विधायक हैं वो अब शांत पड़ जाएंगे। देखना दिलचस्प होगा लेकिन कांग्रेस ने पासा फेंक दिया है।
