विश्व आदिवासी दिवस 2025: आदिवासी बचाव मोर्चा ने रांची में बनाई भव्य आयोजन की योजना
मुख्य बिंदु:
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9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन भव्य तरीके से मनाया जाएगा
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सिरम टोली सरना स्थल से पदयात्रा, झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी
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जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में मुख्य सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रम
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आयोजन का उद्देश्य – अधिकार, संस्कृति और एकता का संदेश
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बैठक में विभिन्न संगठनों और प्रमुख नेताओं ने भाग लिया
नगड़ा टोली सरना भवन में हुई आयोजन की तैयारी बैठक
रांची, 15 जुलाई 2025: विश्व आदिवासी दिवस 2025 को लेकर आदिवासी बचाव मोर्चा की ओर से नगड़ा टोली स्थित सरना भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में आगामी 9 अगस्त 2025 को विश्व आदिवासी दिवस को भव्य और गरिमामय रूप से मनाने का निर्णय लिया गया।
इस अवसर पर यह स्पष्ट किया गया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य समस्त आदिवासी समुदायों और संगठनों को एक मंच पर लाकर, अपने अधिकारों की रक्षा और संस्कृति के संवर्धन के लिए एकजुटता दिखाना है।
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सिरम टोली सरना स्थल से निकलेगी पदयात्रा
कार्यक्रम की शुरुआत सिरम टोली स्थित केन्द्रीय सरना स्थल से भव्य पदयात्रा के रूप में की जाएगी। इस पदयात्रा में विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगे। सभी प्रतिनिधि अपने हाथों में आदिवासी झंडे और मांग पत्र लेकर चलेंगे, जिससे समाज के समक्ष अपनी पहचान और समस्याएं प्रस्तुत की जा सकें।
अल्बर्ट एक्का को श्रद्धांजलि, झांकियों में उठेंगे मुद्दे
पदयात्रा के दौरान अल्बर्ट एक्का स्टैच्यू पर माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस यात्रा में विभिन्न झांकियों के माध्यम से आदिवासी समुदाय के समक्ष मौजूद ज्वलंत मुद्दों जैसे जल, जंगल, जमीन, शिक्षा, स्वास्थ्य और भूमि अधिकार को प्रमुखता से दर्शाया जाएगा।
खोंड़हा दलों की प्रस्तुतियां और पारंपरिक नृत्य
झांकियों के साथ-साथ पारंपरिक खोंड़हा नृत्य दल, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से आदिवासी भाषा, संस्कृति और अस्मिता की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास होगा।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में होगा मुख्य सभा कार्यक्रम
पदयात्रा के उपरांत जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एक विशाल सभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, बुद्धिजीवी, युवा नेता एवं समाजसेवी भाग लेंगे। सभा में सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा और सामूहिक रणनीति बनाई जाएगी।
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे आकर्षण का केंद्र
सभा के साथ-साथ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें पारंपरिक गीत, नृत्य और नाटक शामिल होंगे। यह प्रस्तुति आदिवासी समाज की विविधता और रचनात्मकता का परिचायक होगी।
समापन और जागरूकता की अपील
सभा का समापन दोपहर 5 बजे विधिवत रूप से किया जाएगा। आदिवासी बचाव मोर्चा ने सभी आदिवासी समुदायों, संगठनों, युवाओं और महिला समूहों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर एकता, अधिकार और संस्कृति के प्रति जागरूकता प्रदर्शित करें।
उपस्थित प्रमुख प्रतिनिधि
बैठक में प्रमुख रूप से पूर्व शिक्षा मंत्री गीता उरांव, कुंदरसी मुंडा, निरंजना हेरेंज टोप्पो, राहुल तिर्की, आकाश तिर्की, संगीता कच्छप, संदीप तिर्की, कलिका गाड़ी, वासुदेव भगत, हर्षिता मुंडा, राकेश बड़ाइक, विजय कच्छप, लक्ष्मी मुंडा, करमा तिग्गा, और प्रकाश मुंडा उपस्थित रहे।
