झारखंड की शिक्षा व्यवस्था पर जयराम महतो की चिंता, परीक्षा कैलेंडर को लेकर किया बड़ा वादा
रांची- डुमरी से विधायक Jayram Mahato ने झारखंड की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि राज्य के छात्र और युवा आज हताशा व निराशा के दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुबह अख़बार पढ़कर मन व्यथित हो गया और यह सवाल मन में उठा कि यह वही झारखंड है या वह झारखंड, जिसकी परिकल्पना शहीदों ने की थी।
जयराम महतो ने आरोप लगाया कि शोषक वर्ग बेहद चालाकी से युवा पीढ़ी को गुमराह कर रहा है, जिससे छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा लगातार मानसिक दबाव और अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि परीक्षा कैलेंडर का बार-बार फेल होना युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।
“सरकार बनी तो परीक्षा कैलेंडर कभी फेल नहीं होगा”
विधायक जयराम महतो ने स्पष्ट शब्दों में संकल्प लिया कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो प्रतियोगी परीक्षाओं का कैलेंडर कभी फेल नहीं होने दिया जाएगा और परीक्षाएं समय पर कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक वादा नहीं, बल्कि उनका व्यक्तिगत संकल्प है।
संघर्ष से निकला नेतृत्व, संघर्ष का ही इरादा
अपने जीवन संघर्ष को साझा करते हुए जयराम महतो ने कहा कि बचपन में पिता के चले जाने के बाद उन्होंने अपनी मां और दादी का संघर्ष बेहद करीब से देखा है। छात्र आंदोलन से राजनीति तक का सफर तय करने वाले जयराम महतो ने कहा कि वह संघर्ष की उपज हैं, संघर्ष से ही सीखे हैं और आगे भी संघर्ष का ही इरादा रखते हैं।
JLKM का राजनीतिक यथार्थ भी रखा
हालांकि, इस पूरे बयान के साथ राजनीतिक यथार्थ भी सामने है। JLKM पार्टी से फिलहाल जयराम महतो ही अकेले विधायक हैं। झारखंड में सरकार बनाने के लिए उनको अभी लंबा सफर तय करना है। ऐसे में उनका यह बयान आने वाले समय में छात्रों और युवाओं के बीच राजनीतिक बहस को और तेज करने वाला माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, जयराम महतो का यह बयान झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं, युवाओं की निराशा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सरकार और सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
