रांची में शिक्षकों के सम्मान में विशेष पेंशन दरबार, सेवानिवृत्ति के दिन ही मिला पूरा लाभ
➤ 18 शिक्षक और 2 कर्मियों को सम्मान, उपायुक्त ने खुद किया सम्मानित
➤ रिटायरमेंट के दिन ही पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य लाभ वितरित
➤ संवेदनशील पहल ने जीता सेवानिवृत्त कर्मियों का दिल
रांची समाहरणालय में विशेष पेंशन दरबार सह सेवा-निवृत्ति विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त Manjunath Bhajantri ने की।

इस अवसर पर 18 सेवानिवृत्त शिक्षकों और सदर अनुमंडल एवं जिला राजस्व शाखा से सेवानिवृत्त 2 कर्मियों को सम्मानित किया गया। खास बात यह रही कि सभी को रिटायरमेंट के दिन ही पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव एनकैशमेंट सहित सभी पेंशनरी लाभ प्रदान कर दिए गए।

सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षकों के नाम
सम्मान समारोह में जिन 18 शिक्षकों को सम्मानित किया गया, उनके नाम इस प्रकार हैं:
-
श्री सेवक कुमार साधु (रा.उत्क्रमित म.वि. लोयो, मांडर)
-
श्रीमती क्लौदिया विलुंग (रा.प्रा.वि. सोसई, मांडर)
-
श्रीमती उर्सुला कोनगाड़ी (रा.म.वि. न्यू टूपूदाना, रांची-2)
-
श्री कुमार कनिष्क (रा.म.वि. हिन्दपीढ़ी हिन्दी, रांची-2)
-
मो. नुमानुल्लाह (रा.प्रा.वि. मांगुबांध, नामकुम)
-
श्रीमती टोप्पो निर्मला (रा.म.वि. विजुलिया, रातू)
-
श्रीमती नीलमणी हेरेंज (रा.म.वि. महेशपुर)
-
श्रीमती ममता तिग्गा (रा.प्रा.वि. खरदेवरी, बेड़ो-1)
-
श्री सुभाष कुमार माँझी (रा.उत्क्रमित म.वि. हरवागढ़, तमाड़)
-
श्री शिवेश्वर महतो (रा.उत्क्रमित म.वि. डड़िया, बुढ़मू)
-
श्री राकेश रंजन (रा.म.वि. फतेहपुर, लापुंग)
-
श्रीमती सुषमा गोरेती धान (रा.म.वि. सरसा, लापुंग)
-
श्री राम विलाप नाग (रा.प्रा.वि. पतराचौली, नगड़ी)
-
श्रीमती आशा कुमारी (रा.म.वि. चकला, ओरमांझी)
-
श्री अक्षय कुमार स्वांसी (रा.उत्क्रमित म.वि. असुरकोड़ा, सिल्ली)
-
श्री रामपद नायक (रा.प्रा.वि. जोबला, सिल्ली)
-
प्रहलाद लोहरा (रा.प्रा.वि. डुंगरूडीह, सिल्ली)
-
श्रीमती बिबियाना तोपनो (संत तेरेशा बालिका मध्य विद्यालय, मांडर)

अन्य सेवानिवृत्त कर्मी
-
श्रीमती प्रमिला देवी, कार्यालय अधीक्षक, सदर अनुमंडल रांची
-
मो. जुबेर आलम, उच्च वर्गीय लिपिक, जिला राजस्व शाखा रांची
उपायुक्त ने खुद पहुंचकर दिया सम्मान
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब सेवानिवृत्त शिक्षक श्री शिवेश्वर महतो की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिलने पर उपायुक्त स्वयं सभागार से मुख्य द्वार तक पहुंचे और उन्हें व्यक्तिगत रूप से सेवानिवृत्ति लाभ सौंपा।
भावुक होकर श्री महतो ने कहा,
“उपायुक्त महोदय का खुद आना और हाथों से सम्मान करना मेरे जीवन का सबसे यादगार पल है।”
उपायुक्त ने कहा, “शिक्षक समाज के स्तंभ हैं। जरूरत पड़ने पर प्रशासन को उनके पास जाना चाहिए, यही सच्ची सेवा है।”
अन्य विभागों के लिए मॉडल
उपायुक्त ने अन्य विभागाध्यक्षों से भी अपील की कि वे इसी तरह की पहल शुरू करें ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समयबद्ध और सम्मानजनक लाभ मिल सके।
रांची जिला प्रशासन की यह पहल कर्मचारियों—विशेषकर शिक्षकों—के प्रति संवेदनशील और जन-केंद्रित प्रशासन की मिसाल बनकर उभरी है।
