हर घर नल से जल: मिशन की प्रगति पर मुख्य सचिव ने की वर्चुअल बैठक.

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झारखंड में जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा: मुख्य सचिव ने दिए निर्देश, 2028 तक सभी घरों में नल से जल का लक्ष्य


मुख्य बिंदु एक नजर में

  • झारखंड में जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा मुख्य सचिव अलका तिवारी ने की

  • सभी उपायुक्तों को मिशन में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का निर्देश

  • प्रत्येक जिले में मिशन की निगरानी के लिए दो इंजीनियर होंगे तैनात

  • एजेंसियों को पांच वर्षों तक रख-रखाव की जिम्मेदारी दी गई है

  • अब तक 97,535 योजनाओं में से 56,332 योजनाएं पूरी

  • 2028 तक राज्य के सभी ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य



मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक

झारखंड में जल जीवन मिशन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा बुधवार को मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी की अध्यक्षता में की गई। इस वर्चुअल बैठक में सभी जिलों के उपायुक्तों ने भाग लिया। मुख्य सचिव ने मिशन के समुचित संचालन में स्थानीय नेतृत्व और भागीदारी पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को नियमित समीक्षा और फील्ड विजिट करने का निर्देश दिया।

प्रत्येक जिले में दो इंजीनियर करेंगे निगरानी

अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जब वे फील्ड में जाएं, तो जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता का आकलन करें। इसके लिए प्रत्येक उपायुक्त को दो इंजीनियरों की टीम दी जाएगी, जो सीधे उनके अधीन कार्य करेगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि इन इंजीनियरों के लिए टेक्निकल सेल गठित किया जाए, जिसमें उन्हें प्रतिदिन कार्य सौंपे जाएं और उनकी रोजाना रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए।

एजेंसी जिम्मेदार, पांच वर्षों तक रख-रखाव अनिवार्य

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन के तहत काम करने वाली एजेंसी को पांच साल तक संबंधित योजना के रख-रखाव की जिम्मेदारी उठानी होगी। यदि एजेंसी इसमें विफल रहती है तो जिला स्तर से प्रस्ताव भेजा जाए और मुख्यालय से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि भुगतान के बावजूद अधूरा काम पाए जाने पर कठोर जांच और कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रशासनिक अड़चनों को प्राथमिकता पर दूर करने के निर्देश

बैठक में मुख्य सचिव ने उपायुक्तों को यह भी कहा कि यदि मिशन के कार्यों में प्रशासनिक बाधाएं सामने आती हैं, तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय स्तर पर नेतृत्व करते हुए समाधान किया जाए। इसके अतिरिक्त, जिन योजनाओं को पूरा किया जा चुका है, उन्हें संबंधित ग्राम समिति को सुपुर्द करने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने को कहा गया।

झारखंड में अब तक की प्रगति: आंकड़ों की एक झलक

जल जीवन मिशन की शुरुआत 15 अगस्त 2019 को हुई थी, जिसका उद्देश्य 2028 तक सभी ग्रामीण घरों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में नल से जल उपलब्ध कराना है।
अब तक:

  • 97,535 योजनाएं शुरू की गईं

  • 56,332 योजनाएं पूर्ण

  • 24,781 योजनाएं ग्राम समितियों को सौंपी गईं

  • झारखंड के 29,398 गांवों में से 6,963 गांव नल से जल से पूरी तरह जुड़ चुके हैं

  • 62,54,059 ग्रामीण घरों में से 34,42,332 घरों में नल से जल की आपूर्ति शुरू

अंतिम लक्ष्य: दिसंबर 2028 तक पूर्ण जल आपूर्ति

सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि दिसंबर 2028 तक झारखंड के हर ग्रामीण घर तक नल से जल पहुंचे। इस दिशा में मिशन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन मिशन की सफलता स्थानीय नेतृत्व, पारदर्शिता और ज़मीनी समीक्षा पर निर्भर है। मुख्य सचिव ने इस दिशा में सभी अधिकारियों से सक्रिय भागीदारी और ईमानदार कार्य निष्पादन की अपील की।

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