झामुमो के बागी विधायक लोबिन हेंब्रम को झारखंड पार्टी ने अपना समर्थन दिया है। लोबिन हेंब्रम राजमहल लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है। जबकि, झामुमो ने वहां से विजय हांसदा को दोबारा टिकट दिया है। लोबिन हेंब्रम ने कहा कि, वे विजय हांसदा का विरोध कर रहे हैं ना कि, पार्टी का। हालांंकि, उनकी दलील से पार्टी इत्तेफाक नहीं रखती है। इस बीच एनोस एक्का की अगुवाई में चल रही झारखंड पार्टी ने आनन फानन में लोबिन हेंब्रम को अपना समर्थन दिया है। झारखंड पार्टी ने खुद 6 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की घोषणा की है।

बहरहाल, सीता सोरेन के बाद लोबिन हेंब्रम झामुमो के लिए असहज स्थिति खड़ी कर रहे हैँ। सीता सोरेन के मामले में पार्टी नेता लगातार कह रहे हैं कि, भाजपा ने परिवार तोड़ने का काम किया है। लोबिन हेंब्रम के बारे में पार्टी कुछ भी बोलने से बचती है। लोबिन हेंब्रम आज से नहीं बल्कि, पेसा कानून, सीएनटी-एसपीटी और आदिवासी मूलवासी समाज को लेकर सरकार और पार्टी को घेरते रहे हैं। ऐसे में ठीक चुनाव से पहले निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा पार्टी के लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है।
खास बात ये है कि, लोबिन हेंब्रम ने सीता सोरेन की तरप भाजपा या दूसरी पार्टी में जाने की बात नहीं की है। उन्होने कहा कि, वे झामुमो में रहते हुए राजमहल से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
