राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के भाजपा में शामिल होने के बाद झारखंड की राजनीति में हलचल मच गई है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है।
झामुमो का भाजपा पर आरोप
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। झामुमो के महासचिव और प्रवक्ता विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा बाहरी नेताओं के सहारे चुनावी जीत की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की लोकप्रियता से घबराए हुए हैं, जो झामुमो की असली ताकत है।
आयातित नेताओं की भरमार
विनोद पांडेय ने बिना नाम लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर निशाना साधते हुए कहा कि बाहर से आकर यहां बड़ी-बड़ी बातें करने वाले नेता भी भाजपा में आयातित हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को पहले अपने राज्य की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, जहां अराजकता फैली हुई है।
फूट डालो, राज करो की नीति नहीं चलेगी
झामुमो प्रवक्ता ने भाजपा पर “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाने का आरोप लगाया, लेकिन साथ ही यह भी दावा किया कि झारखंड में भाजपा की यह मंशा सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि झामुमो हर मोर्चे पर भाजपा को करारा जवाब देने में सक्षम है।
संताल परगना को केंद्रशासित प्रदेश बनाने की मांग पर सवाल
विनोद पांडेय ने भाजपा के एक नेता द्वारा संताल परगना, बिहार और बंगाल के कुछ हिस्सों को मिलाकर केंद्रशासित प्रदेश बनाने की मांग पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इससे भाजपा की सोच और विभाजनकारी राजनीति का पता चलता है।
चंपई सोरेन के भाजपा में शामिल होने पर प्रतिक्रिया
चंपई सोरेन के भाजपा में शामिल होने पर पांडेय ने कहा कि भाजपा के नेता इसे लेकर उत्साहित हैं, लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि झामुमो में कार्यकर्ता ही नेताओं को बनाते हैं। झामुमो कार्यकर्ताओं का पार्टी से भावनात्मक जुड़ाव है, जो भाजपा के अफवाहों से प्रभावित नहीं होगा।
प्रधानमंत्री के दौरे पर टिप्पणी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित झारखंड दौरे पर विनोद पांडेय ने कहा कि चुनाव से पहले उनका दौरा स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के परिणाम सबके सामने हैं और विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर जल्द ही निर्णय हो जाएगा।
